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एक तरफ पूरे देश में टीका उत्सव मनाया जा रहा है तो वैक्सीन की कमी को लेकर भी एक बड़ी समस्या सामने आ रही है. महाराष्ट्र, यूपी राजस्थान, छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों में वैक्सीन खत्म हो जाने की बात सामने आई. इस कड़ी में अब उड़ीसा का भी नाम जुड़ गया है. रविवार के दिन उड़ीसा में करीब 900 वैक्सीनेशन सेंटरों को इसलिए बंद करना पड़ा क्योंकि वहां लोगों को लगाने के लिए वैक्सीन ही नहीं है. उड़ीसा में टीका उत्सव के दिन 81,169 लोगों को 593 सेशन साइट्स पर कोरोना वैक्सीन की खुराक दी गई लेकिन 900 से अधिक सेंटर कोरोना वैक्सीन की कमी के कारण बंद कर देने पड़े हैं. इसके बाद सत्ताधारी पार्टी बीजेडी और विपक्षी पार्टी भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है.

उड़ीसा के एक सीनियर अधिकारी ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि टीका उत्सव से एक दिन पहले यानी दस अप्रैल के दिन उड़ीसा में 1,13,566 लोगों को कोरोना वैक्सीन की खुराक दी गई लेकिन कोरोना वैक्सीन के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए चलाए जा रहे ‘टीका उत्सव’ के पहले दिन इस संख्या में भारी कमी आई. टीका उत्सव के पहले दिन महज 81,169 लोगों को ही कोरोना वैक्सीन लगाई जा सकी है. इसका कारण कुछ और नहीं बल्कि वैक्सीन खुराकों की शॉर्टेज पड़ जाना है. सीनियर अधिकारी ने आगे बताया कि ”हमें नहीं पता कि राज्य में टीका उत्सव के बाकी दो दिनों (13 अप्रैल, 14 अप्रैल) में टीकाकरण हो पाएगा कि नहीं.”

दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल राज्य को भी इसी तरह की समस्या का सामना पड़ा. वहां भी टीका उत्सव के दिन ही टीकों की भारी किल्लत रही. हेल्थ डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि केंद्र को राज्य में कोरोना वैक्सीन की कमीं के बारे में अवगत करा दिया गया है. पश्चिम बंगाल के बहुत से अस्पतालों में या तो टीकाकरण रुक गया है या वहां वैक्सीन का बेहद कम स्टॉक बचा है. अधिकारी ने आगे बताया ”हमने केंद्र को रिक्वेस्ट भेज ही है, हम सोमवार के दिन चार लाख वैक्सीन मिलने की उम्मीद कर रहे हैं.