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कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच ओडिशा सरकार ने दो अहम फैसले किए हैं. पहले आदेश में राज्य सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि अलग-अलग काडर के डेंटल सर्जन, पीजी डॉक्टर, पोस्ट पीजी डॉक्टर, इंटर्न और आखिरी वर्ष के छात्रों से संबंधित सभी डॉक्टरों को अस्थायी रूप से कोविड केयर सेंटर्स में तैनाती के लिए स्टेट पूल में लाया जाएगा. इनमें OHMS काडर, OMES काडर, आयुष, डेंटल सर्जन्स, सभी पीजी डॉक्टर, पोस्ट पीजी डॉक्टर, इंटर्न, फाइनल ईयर के स्टूडेंट, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को अस्थाई रूप से इस पूल के अंतर्गत रखा गया है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि महामारी को कंट्रोल करने के लिए बेहतर मैनेजमेंट में इन सभी को लगाया जाएगा.

इसके अलावा राज्य सरकार ने दूसरे आदेश में कोविड रोगियों के बेहतर इलाज के लिए ऑक्सीजन की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर्स की रीफिलिंग की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का भी आदेश दिया है. आदेश के मुताबिक रिफिलिंग केंद्रों से सिलेंडरों के परिवहन के लिए लगे वाहनों की संख्या में वृद्धि होनी चाहिए. कम से कम एक वाहन रिजर्व के रूप में उपलब्ध होना चाहिए. इन वाहनों को जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के साथ लैस किया जाना चाहिए.

राज्य सरकार ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि ओडिशा में पिछले 24 घंटों के भीतर 12 हजार 238 नए मामले सामने आए. राज्य में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़कर 5,12,400 पर पहुंच गए हैं. पिछले 24 घंटों में 6854 मरीज रिकवर भी हुए हैं. राज्य में अब तक 4,23,257 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं.