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हरिद्वार में आज से महाकुंभ की शुरुआत हो गई है. निरंजनी अखाड़े की पेशवाई के बाद हरिद्वार में कुंभ जैसा माहौल दिखने लगा है. एसएम जैन कॉलेज से शुरू हुई निरंजनी अखाड़े की पेशवाई शहर भर में भ्रमण के बाद निरंजनी अखाड़े पहुंचेगी. इस दौरान निरंजनी अखाड़ा के सभी महामंडलेश्वर और आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज समेत तमाम साधु मौजूद रहे. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी महाराज भी मौजूद थे और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी निरंजनी अखाड़ा की पेशवाई में हिस्सा लिया. निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर ने इस दौरान एबीपी गंगा से बातचीत की. बता दें कि आज से कुम्भ नगरी में महाकुंभ का आगाज हो गया है. निरंजनी अखाड़े की पेशवाई एसएम जैन पीजी कॉलेज से सुबह 10 बजे शुरू हुई. पेशवाई में एक हाथी, पांच ऊंट, 40 घोड़े और 50 रथ शामिल हैं वहीं हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गई. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी पेशवाई में मौजूद रहे. इसके अलावा ढाई से 3 हजार संत पेशवाई में शामिल हुए. पेशवाई में सबसे आगे कोविड-19 जागरूक का संदेश देता वाहन खड़ा रहा. कुमाऊं, गढ़वाल और जौनसार बावर के सांस्कृतिक कलाकारों की टोली पेशवाई के दौरान प्रस्तुति देगी. पेशवाई में हरिद्वार के 4 बैंड और विशेष तौर पर नाशिक से मंगाया बैंड भी शामिल है.

वहीं जूना अखाडा के रमता पंचों ने बैंडबाजे के साथ जुलूस के रूप में नगर प्रवेश कर कुंभ आयोजन की शुरुआत की. मेला अधिकारी दीपक रावत ने सभी रमता पंचों का नगर प्रवेश के दौरान माला डालकर स्वागत किया. इस मौके पर सभी आला अधिकारी मौजूद रहे. इसके साथ ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरिगिरि ने सभी रमता पंचों की ओर से कुंभ के सफल और भव्य आयोजन की मां गंगा से प्रार्थना की. सभी रमता पंचों ने नगर भ्रमण करते हुए ज्वालापुर पांडयेवाला में अखाड़े की छावनी में प्रवेश किया. जूना अखाड़े की पेशवाई तक अब यह सभी रमता पंच अखाड़े की छावनी में तपस्या में लीन हो जाएंगे. नगर भ्रमण के दौरान सैकड़ों की संख्या में नागा बाबा मौजूद रहे. इसके साथ ही किन्नर अखाड़ा ने भी जूना अखाड़े के साथ नगर प्रवेश किया.

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