BHARAT VRITANT

Karnataka News भाजपा नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वक्फ विधेयक की संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में किसानों की जमीन वक्फ संपत्ति के रूप में चिह्नित किए जाने पर विरोध जताया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वक्फ (संशोधन) विधेयक की संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल को पत्र।

किसानों की जमीन पर वक्फ बोर्ड का दावा, भाजपा का विरोध

कर्नाटक के कुछ इलाकों में वक्फ संपत्ति के नाम पर किसानों की जमीन चिह्नित करने से विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर भाजपा ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने आरोप लगाया कि वक्फ अधिनियम में संशोधन की संभावना को लेकर वक्फ बोर्ड जल्दबाजी में भूमि पंजीकरण कर रहा है।

‘वक्फ बोर्ड के सभी भूमि पंजीकरण तुरंत रोकें’

भाजपा नेता ने अमित शाह से अनुरोध किया है कि राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया जाए कि संयुक्त संसदीय समिति की प्रक्रिया पूरी होने तक वक्फ बोर्ड के सभी भूमि पंजीकरण तुरंत रोक दिए जाएं। उनका कहना है कि राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड राजस्व रिकॉर्ड में फेरबदल कर किसानों की जमीन को वक्फ के नाम कर रहे हैं, जिससे किसान अपने संपत्ति अधिकार खो रहे हैं।

सैकड़ों किसानों को नोटिस, धार्मिक संपत्तियों पर भी दावे

आर अशोक के अनुसार, विजयपुरा जिले में लगभग 15,000 एकड़ जमीन पर दावे को लेकर सैकड़ों किसानों को नोटिस भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड कर्नाटक के हर जिले में गुप्त रूप से 10,000 एकड़ जमीन पर दावा कर रहा है और मंदिरों, मठों व हिंदू समुदाय से जुड़े कब्रिस्तानों पर भी अपनी संपत्ति का दावा कर रहा है।

संपत्ति दावों से फैली दहशत, भड़की हिंसा

वक्फ बोर्ड द्वारा संपत्तियों के पंजीकरण से लोगों में दहशत और असुरक्षा का माहौल है। हावेरी जिले में हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं। भाजपा नेता ने केंद्रीय मंत्री से तत्काल वक्फ बोर्ड के सभी भूमि पंजीकरण पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।