Maharashtra News महाराष्ट्र में भाजपा नेता नितेश राणे ने लाडली बहन योजना के नियमों में संशोधन की मांग करते हुए विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना का सबसे अधिक लाभ मुस्लिम समुदाय को मिल रहा है, जबकि वे महायुति सरकार को समर्थन नहीं देते।

“दो से ज्यादा बच्चों वाले न हों योजना के पात्र”- Maharashtra News
नितेश राणे ने मांग की है कि लाडली बहन योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को दिया जाए जिनके दो से कम बच्चे हैं। उन्होंने आदिवासी समुदाय को इस शर्त से छूट देने का सुझाव दिया। राणे का कहना है कि महायुति सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वालों में मुसलमानों की संख्या अधिक है, जो भाजपा को वोट नहीं देते।
“मुस्लिम समुदाय पर निर्भर सरकारी योजनाएं”
राणे ने कहा कि देश में हिंदू अल्पसंख्यकों को बांग्लादेश और पाकिस्तान में अत्याचार सहना पड़ता है, जबकि भारत में मुस्लिम समुदाय को विशेष योजनाओं और लाभों का अधिकार दिया जा रहा है। उन्होंने इसे “अत्यधिक लाड़” का परिणाम बताया।
कांग्रेस का विरोध, कार्रवाई की मांग
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने नितेश राणे के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। पटोले ने कहा कि इस तरह के वक्तव्यों से सत्ता का दुरुपयोग झलकता है और यह संविधान के खिलाफ है। उन्होंने ऐसे बयानों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
“संविधान सभी को समान अधिकार देता है”- Maharashtra News
पटोले ने कहा कि भारत का संविधान सभी समुदायों को समान अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा सत्ता के घमंड को दिखाती है और यह लोकतंत्र के लिए घातक है।
राणे के इस बयान से राजनीतिक विवाद गरमा गया है, जिससे महायुति सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं।