Prayagraj News प्रयागराज में अगले महीने से शुरू होने वाले महाकुंभ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। हर 12 साल में होने वाले इस भव्य आयोजन में करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद प्रयागराज पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री योगी ने इसे सनातन धर्मावलंबियों के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक पल बताया।

2025 महाकुंभ के लिए बड़ी योजनाओं का उद्घाटन- Prayagraj News
प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ 2025 के लिए शहर के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 5,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। इन परियोजनाओं में अक्षयवट कॉरिडोर और बड़े हनुमान जी मंदिर कॉरिडोर का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री योगी ने 2019 के कुंभ की याद दिलाते हुए कहा कि इस बार भी श्रद्धालुओं के लिए नए अनुभव और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
संगम पर पूजा और प्रदर्शनी स्थल का भ्रमण- Prayagraj News
प्रधानमंत्री की यात्रा संगम तट पर औपचारिक पूजा-अर्चना से शुरू हुई। उन्होंने गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर नौका विहार किया और अक्षय वट वृक्ष, हनुमान मंदिर और सरस्वती कूप में दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने महाकुंभ प्रदर्शनी स्थल का दौरा कर अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के साथ संगम क्षेत्र, महाकुम्भनगर, प्रयागराज में लगभग ₹5,500 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लोकार्पण हेतु आयोजित कार्यक्रम में… https://t.co/gBJ6VfyYgy
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 13, 2024
कुंभ मेले का आध्यात्मिक महत्व- Prayagraj News
महाकुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अध्यात्म और संस्कृति का भव्य पर्व है। ‘राम नाम बैंक’ के संयोजक आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार, त्रिवेणी संगम पर स्नान से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। तीर्थयात्री न केवल स्नान करते हैं, बल्कि साधु-संतों के प्रवचनों में हिस्सा लेते हैं और पवित्र नदी के तट पर पूजा-अर्चना करते हैं।
महाकुंभ का आयोजन और तिथियां- Prayagraj News
महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से 26 फरवरी (महा शिवरात्रि) तक होगा। इस आयोजन में भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। प्रयागराज को एक बार फिर दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक की मेजबानी का मौका मिला है।