BHARAT VRITANT

एक भारत श्रेष्ठ भारत की मिसाल पेश करने वाली ट्रेन स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के लिए चल पड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिग से केवड़िया को भारत के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने वाली आठ ट्रेन को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रविवार को रवाना किया। लिहाजा अब देश को एकीकृत करने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की गगनचुंबी प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी देखने के लिए गुजरात के केवड़िया गांव जाने में आसानी होगी। साथ ही प्रधानमंत्री ने गुजरात में रेलवे की कई योजनाओं का उद्घाटन किया।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत की बहुत सुंदर तस्वीर आज यहां दिख रही है। इतिहास में संभवत पहली बार ऐसा हो रहा है जब देश के अलग अलग कोने से एक जगह के लिए इतनी ट्रेन को हरी झंडी दिखाई जा रही है। इस आयोजन ने सही मायने में भारत को एक कर दिया। सही मायने में रेलवे के विजन और सरदार वल्लभ भाई पटेल के मिशन दोनों को परिभाषित कर रहा है। स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से ज्यादा पर्यटक स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए पहुंचने लगे है। सरदार साहब को एक भारत श्रेष्ठ भारत के सपने को जब हिंदुस्तान के कौने-कौने विभिन्न वेश-भाषा वाले लोगों का आना बढ़ेगा तो केविडिय़ा का नजारा लघु भारत की तरह दिखेगा। केवडिय़ा जगह भी ऐसी है जिसकी पहचान एक भारत श्रेष्ठ भारत का मंत्र देने वाले, देश का एकीकरण करने वाले सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, सरदार सरोवर बांध से है।

प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमजी रामचंद्रन को उनकी जयंती पर याद किया और कहा कि रामचंद्रन के आदर्शों का पूरा करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। सुखद संयोग है कि भारत रत्न एमजी रामचंद्रन की जयंती भी है। केवडिय़ा के लिए निकल रही ट्रेन डॉ. एमजी रामचंद्रन रेलवे स्टेशन से आ रही है।

एमजीआर ने फिल्म स्क्रीन से लेकर पोलिटिकल स्क्रीन तक लोगों के दिल पर राज किया। गरीबों के लिए समर्पित थी उनकी यात्रा। गरीबों के लिए निरंतर काम किया। चेन्नई सेंट्रल स्टेशन का नाम एमजीआर स्टेशन किया गया है। केवडिय़ा का हर दिशा से सीधी कनेक्टिविटी से जुड़ने अदभुत क्षण है। गर्व करने वाला है।
आध्यात्मिक वाइब्रेशन की सौगात है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केवड़िया आध्यात्मिक वाइब्रेशन की सौगात है। करनाली, गरुड़ेश्वर पूरा क्षेत्र इस वाइब्रेशन से भरा हुआ आध्यात्मिक क्षेत्र है। देश वासियों को उत्साहित करने वाला तीर्थ स्थल है। देश के सभी हिस्से से केविड़या का जुड़ना वहां के आदिवासियों का जीवन बदलने जा रहा है। रोजगार के अवसर लाएगा। केवडिय़ा गुजरात के सुदूर इलाके में बसा एक छोटा सा ब्लॉक नहीं रह गया है, बल्कि विश्व के सबसे बड़े पर्यटक क्षेत्र के रूप में आज उभर रहा है। इसका लाभ पर्यटकों को तो मिलेगा ही, आदिवासी भाई बहनों का जीवन भी बदलने जा रहा है। छोटा सा खूबसूरत केवड़िया इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे प्लान तरीके से पर्यावरण की रक्षा करते हुए इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों का तेजी से विकास किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और सरदार सरोवर बांध की भव्यता और विशालता का एहसास आप केवडिया पहुंचकर ही कर सकते हैं। पर्यटकों को सैर कराने के लिए एकता क्रूज है, तो दूसरी तरफ नौजवानों को साहस दिखाने के लिए राफ्टिंग। एक तरफ आयुर्वेद और योग पर आधारित आरोग्य वन है, तो दूसरी तरफ पोषण पार्क। रात में जगमगाता ग्लो गार्डन है, तो दिन में देखने के लिए कैक्टस गार्डन और बटरफ्लाई गार्डन है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी के लिए बहुत कुछ है।

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