प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात को बड़ा तोहफा दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सूरत मेट्रो रेल परियोजना और अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के लिए शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, राज्यपाल आचार्य देवव्रत और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी भी उपस्थित हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज सूरत आबादी के लिहाज से एक तरफ देश का आठवां बड़ा शहर है, लेकिन दुनिया का चौथा सबसे विकसित होता शहर भी है। दुनिया के हर 10 हीरों में से 9 सूरत में तराशे जाते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले के 10-12 वर्ष में सिर्फ 225 किमी मेट्रो लाइन ऑपरेशनल हुई थी। वहीं बीते छह वर्षों में 450 किमी से ज्यादा मेट्रो नेटवर्क चालू हो चुका है।अहमदाबाद के बाद सूरत गुजरात का दूसरा बड़ा शहर है, जो मेट्रो जैसे आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जुड़ेगा। सूरत में मेट्रो नेटवर्क एक प्रकार से पूरे शहर के महत्वपूर्ण व्यापारी केंद्र को आपस में कनेक्ट करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद और सूरत मेट्रो परियोजना का शिलान्यास करते हुए कहा कि उत्तरायण की शुरुआत में आज अहमदाबाद और सूरत को बहुत ही अहम उपहार मिल रहा है। रविवार को ही केवडिया के नए रेल मार्ग और नई ट्रेनों की शुरुआत हुई है। अहमदाबाद से भी आधुनिक जन शताब्दी एक्सप्रेस अब केवडिया तक जाएगी। उन्होंने कहा कि आज अहमदाबाद में 17 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के इंफ्रास्ट्रक्चर का काम शुरू हो रहा है। ये दिखाता है कि कोरोना के इस काल में भी नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को लेकर देश के प्रयास लगातार बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात को लगातार दूसरे दिन सोमवार को बड़ा तोहफा दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सूरत मेट्रो रेल परियोजना और अहमदाबाद मेट्रो परियोजना के दूसरे चरण के लिए शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अलावा राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। सूरत मेट्रो रेल परियोजना में कुल 40.35 किलोमीटर लंबाई है।
मेट्रो प्रोजेक्ट में 2 कॉरिडोर होंगे, जिसकी अनुमानित लागत 12020 करोड़ रुपये है।
पहला कॉरिडोर सरथना से ड्रीम सिटी के बीच होगा, जिसकी लंबाई 21.61 किलोमीटर है।
15.14 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटिड और 6.47 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा।
दूसरा कॉरिडोर भेसन से सरोली के बीच बनेगा, जिसकी लंबाई 18.74 किलोमीटर है।
