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उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को 2022 का सेमीफाइल माना जा रहा है. पंचायत चुनाव में कांटे के मुकाबले के बीच बीजेपी ने दावा किया है कि वो सूबे में नंबर वन पार्टी बनकर उभरी है. प्रदेश की 3050 जिला पंचायत सीटों में से अभी तक आए नतीजों में से बीजेपी ने 918 सीटें जीतने का दावा किया है. पार्टी ने साथ ही कहा है कि 456 सीटों पर बीजेपी प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. इसके अलाव 400 से ज्यादा विजयी निर्दलीय जिला पंचायत सदस्यों के बीजेपी के संपर्क में होने का भी दावा किया गया है. इस तरह से बीजेपी निर्दलीय सदस्यों के साथ मिलकर प्रदेश की अधिकतर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने की बात कह रही है.

बीजेपी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने दावा किया है कि यूपी में सभी इलाकों में चुनावी नतीजों के लेकर जो आंकड़े आए हैं, उसमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है. उन्होंने दावा किया है कि सोमवार देर रात तक बीजेपी के 9 सौ से ज्यादा सदस्य जिला पंचायत का चुनाव जीत चुके हैं और साढे़ चार सौ से ज्यादा प्रत्याशी आगे चल रहे थे. इसके अलावा जीते निर्दलीय सदस्य भी उनके संपर्क में हैं.

स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि पश्चिम यूपी के 14 जिलों की 446 सीटों में से 132 सीटें सोमवार देर शाम तक पार्टी जीत चुकी थी जबकि 72 पर आगे चल रही थी. वहीं, ब्रज के क्षेत्र के 12 जिलों में 463 सीटों में से 137 सीटें जीती है और 74 पर बढ़त बनाए हुए है.

सिंह का कहना है कि गोरखपुर क्षेत्र के 10 जिलों की 526 सीटों में से 161 पर जीत मिली है और 82 पर आगे है. कानपुर क्षेत्र के 14 जिलों के 367 में से 107 पर उसे जीत मिली है. अवध के 13 जिलों की 679 सीटों में से 194 पर जीत मिली है. उन्होंने कहा कि यूपी में पंचायत चुनाव के अब तक के आए नतीजों के से योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को गांवों में भरपूर समर्थन मिलता दिख रहा है.

बता दें कि माना जा रहा था कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन के कारण पंचायत चुनाव में भाजपा को करारी हार मिलेगी, लेकिन यहां के चुनाव नतीजे को लेकर बीजेपी ने दावा किया है कि इस आंदोलन का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. लोगों ने गांवों में भी बढ़चढ़कर योगी सरकार का समर्थन किया है.