बरेली में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत करने आए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को हर मुद्दे पर खुलकर बोले। उन्होंने भाजपा को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ा। राम मंदिर और कोरोना वैक्सीन जैसे विषयों पर कभी तंज कसा तो कभी सीधे निशाना लगाया। दोपहर को विशेष विमान से वह त्रिशूल एयरबेस आए, इसके बाद कार से सीधे फरीदपुर पहुंचे। वहां पूर्व ब्लाक प्रमुख सोनू यादव के स्वजन से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त कीं। मुलाकात के बाद लौटते समय मीडिया से सामना हुआ। कोरोना वैक्सीन लगवाने को लेकर सवाल हुआ तो बोले कि अभी गरीबों को वैक्सीन लग जाने दो।
भाजपा ने बिहार चुनाव के समय सभी को निश्शुल्क वैक्सीन लगवाने की बात कही थी। अब उप्र में गरीबों को पहले वैक्सीन लगवाएं। सरकार को यह बताना चाहिए कि फ्री वैक्सीन सभी को मिलेगी या नहीं, कब तक लग सकेगी, क्या पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन मिल गई है। ऐसे सवालों के जवाब सरकार को देने चाहिए।कोरोना वैक्सीन को भाजपा वैक्सीन बताकर सवालों में घिर चुके सपा अध्यक्ष इस बार संभलकर बोले कहा कि विशेषज्ञों व डाक्टरों ने बेहद कम समय में बनाकर अच्छा किया। हमें उन पर भरोसा है। लेकिन, कुछ जगह घटनाएं हुई हैं, इसलिए सवाल खड़े हो रहे। सरकार इस बाबत लोगों को संतुष्ट करें।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान पद के चुनाव में प्रत्याशी खड़े करने को लेकर पार्टी विचार कर सकती है। प्रदेश में स्मार्ट मीटर के नाम पर आर्थिक बोझ डालने का आरोप भी लगाया। आजमगढ़ में दूसरों की सेंधमारी की कोशिश पर कहा कि वहां सपा सबसे मजबूत है। ओवैसी पर इशारा करते हुए कहा कि वे लोग भाजपा की मदद के लिए आ रहे। 12 बार उन्हें रोका गया। एक्सप्रेस वे के नाम पर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। बोले, सरकार ने बिजली बनाने का एक भी कारखाना नहीं लगाया है। बिल बढ़ाते चले गए। उद्योगपति व किसान परेशान हैं।
अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण में सहयोग व समर्पण निधि को लेकर सवाल हुआ तो कहा कि चंदा देना हमारी परंपरा नहीं है। यह सिर्फ एक पार्टी कर रही। हमारी संस्कृति में दक्षिणा दी जाती है। मौका लगेगा तो मैं भी दक्षिणा देने जाऊंगा।