BHARAT VRITANT

उत्तर प्रदेश सरकार अपने आप को अपडेटेड और यूनिक बनाने के पथ पर अग्रसर है. फाइलों के गट्ठर से सरकार अब कंंप्यूटर की ओर तेजी से बढ़ रही है. हाल ही में आई जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार में अब सब कुछ पेपरलेस होने जा रहा है. सरकार की इस नई पहल की शुरुआत ई-केबिनेट से की जा रही है. अब मंत्री-विधायक सभी टेबलेट चलाते नजर आएंगे.

इतना ही नहीं राज्य सरकार केन्द्र की ओर से प्रस्तावित बजट को भी पेपरलेस बनाने वाली है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में ई-केबिनेट की ट्रेनिंग की वर्कशॉप आयोजित की गई थी. इस वर्कशॉप में योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पीएम मोदी के मिनिमम गवर्नमेंट मेक्जीमम गनर्नेंस के मंत्र को उत्तरप्रदेश ने आत्मसात किया है.

सीएम योगी ने आगे कहा है कि इसका जीता-जागता उदाहरण कोरोना काल के दौरान देखा गया है. जब तकनीकी प्रयासों के चलते ही महामारी से निजात पाने का मौका मिला था. उनका कहना है कि हमने अब तक 217 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है. जिसका लाभ जनता को मिला है. अब इसे आगे बढ़ाते हुए केबिनेट की बैठकों को भी पेपरलेस करना होगा.

इस मिटिंग में योगी ने अगली बैठक ई-केबिनेट के जरिए करने के निर्देश दिए हैं. जिसके लिए ट्रेनिंग वर्कशॉप भी दिए जा रहे हैं. जिसका काम भी 2-3 दिन में खत्म हो जाएगा. सभी मंत्रियों के निजी स्टाफ को भी ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अगले चरण में संसदीय कार्यमंत्री द्वारा विधानमंडल के दोनों सदनों में समन्वय स्थापित कर सभी विधायकों को ट्रेंड किया जाएगा. इसके लिए सभी विधायकों को जल्दी से जल्दी टेबलेट भी मौहय्या कराए जाएंगे.

सीएम योगी ने बताया है कि ई-केबिनेट की बैठक से जुड़े कामकाज के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय, गोपनविभाग, एनआईसी के समन्वय से एक खास केबिनेट पोर्टल तैयार किया गया है. जिसे चालू करने के लिए मंत्रियों को आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा. इसके साथ ही बैठकों की जानकारी भी दी जाएगी. इस पोर्टल पर पिछली बैठकों का लेखा-जोखा सहित पूरा विवरण और क्रियान्वयन अद्यतन रिपोर्ट भी उपलब्ध होगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *