संसद में आज जब बजट भाषण चल रहा था, उस दौरान नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने विरोध-प्रदर्शन किया. उन्होंन वेल में पहुंचकर नारेबाजी की इसके साथ ही कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की बात की. नारेबाजी के बाद हनुमान बेनीवाल ने सदने से वॉकआउट कर लिया. हनुमान बेनीवाल ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान हाथ में एक तख्ती ली हुई थी. जिसपर किसान कानून वापस लिए जाने के बारे में लिखा हुआ था. नागौर सांसद ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय को वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे.
हनुमान बेनीवाल ने कहा कि कृषि कानून किसान विरोधी हैं, इसीलिए इन कानूनों को वापस लिए जाने के लिए उन्होंने वेल में जाकर नारेबाजी की. उन्होंने केंद्र पर तंज कसते हुए कहा कि किसानों ने बड़ी ही उम्मीद के साथ पीएम को वोट किया था. किसानों के साथ जिस तरह का अन्याय किया जा रहा है, उसे वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे.
उन्होंने बताया कि इसीलिए उन्होंने बजट भाषण के दौरान सदन से वॉकआउट कर लिया. हनुमान बेनीवाल ने करीब 10 मिनट तक सदन में नारेबाजी की. इस दौरान कृषि कानूनों का जमकर विरोध किया गया. हनुमान बेनीवाल के साथ ही अकाली दल ने भी सदन से वॉक आउट कर लिया. पूर्व मंत्री और अकाली दल की नेता हरसिमरत सिंह बादल ने कहा कि जिस दिन इन कानूनों का पास किया गया उस दिन भी इनका विरोध हुआ था. उन्होंने कहा कि लगातार तीन महीने से पार्टी कह रही है कि किसानों से बात की जाए. उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही वह किसान कानून विरोधी हैं.
उन्होंने पीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान आज ठंड में संघर्ष कर रहे हैं, और कम की बात में उका जिक्र तक नहीं किया गया. हरसिमरत ने कहा कि तिरंगे के अपमान को दुख सभी को है लेकिन 100 किसानों की मौत पर किसी को भी हमदर्दी नहीं है. उन्होंने सरकार से पूछा कि ऐसी कौन सी मजबूरी है तो तीन किसान विरोधी कानून वापस नहीं हो सकते.