वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में साल 2021-22 के लिए बजट पेश किया। इस दौरान जब वित्त मंत्री ने कहा कि बजट किसानों के लिए समर्पित है तो विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। हालांकि इस बीच अर्थव्यवस्था के लेकर अमूमन हमलावर दिखने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी शांत दिखे।
वित्त मंत्री निर्मला ने कहा कि बजट ऐसी परिस्थितियों में तैयार किया गया है जैसी पहले कभी नहीं थीं। सरकार पूरी तरह से अर्थव्यवस्था को रीसेट करने के लिए तैयार है। वित्त मंत्री ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत और कोविड राहत उपायों पर कुल 27.1 लाख करोड़ करोड़ रुपये खर्च किए गए जो कि जीडीपी का 13 प्रतिशत है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 के भाषण में घोषणा की कि बीमा क्षेत्र में FDI को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि 2020 में घोषित की गई आत्मनिर्भर भारत योजनाएं अपने आप में पांच मिनी बजट की तरह थीं। उन्होंने कहा कि दो और कोविड-19 वैक्सीन आने वाली हैं। बजट 2021-22 में पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 5.54 लाख करोड़ किया जा रहा है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत अधिक है।
वित्त मंत्री ने कोविड-19 टीकों के लिए 35,000 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशिल्ड के अलावा इस साल दो और वैक्सीन आएंगी। सीतारमण ने कहा कि 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को डबल डिजिट में विकसित करना होगा। वित्त मंत्री ने पुराने वाहनों के लिए स्क्रैपिंग पॉलिसी की भी घोषणा की। यात्री वाहनों को 20 साल और व्यावसायिक वाहनों को 15 साल के बाद फिटनेस टेस्ट देना होगा।
बंगाल, जहां मई में चुनाव होने हैं, के लिए वित्त मंत्री ने हाईवे के लिए 25,000 करोड़ रुपये की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि 13,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों को भारत माला परियोजना के तहत बनाया जाएगा। बजट 2021 में भारतीय रेलवे को 1.1 लाख करोड़ दिए गए हैं। जिसमें 1.07 लाख करोड़ पूंजीगत व्यय के लिए हैं।