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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता का प्रबंधन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित आयोग अपनी स्थापना के पांच महीने बाद ही बंद हो गया। इस आयोग का गठन केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश के तहत पिछले साल अक्टूबर में किया था। अध्यादेश की अवधि समाप्त होने के साथ ही यह बंद हो गया है। केंद्रीय पर्यावरण सचिव आरपी गुप्ता ने बताया कि अध्यादेश को कानून का रूप देने के लिए इसे संसद का सत्र शुरू होने के छह हफ्ते के भीतर सदन में पेश नहीं किया जा सका, जिसकी वजह से इसकी वैधता समाप्त हो गई और आयोग स्वत: भंग हो गया।

उन्होंने कहा, ” अध्यादेश कानून नहीं बन पाया। किसी भी अध्यादेश को संसद का सत्र शुरू होने के छह हफ्ते के भीतर वहां पेश करना होता है। यह नहीं हुआ इसलिए अध्यादेश की वैधता समाप्त हो गई और आयोग भंग हो गया।” पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पूर्व सचिव एमएम कुट्टी को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था।