पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर भारत-चीन के बीच बीते नौ महीने से जारी तनाव अब कम होने लगा है। दोनों देशों के मध्य इसके लिए एक अहम समझौता हुआ है। भारत और चीन के बीच पैंगोंग झील के उत्तरी एवं दक्षिणी किनारों पर सेनाओं के पीछे हटने का समझौता हो गया और बुधवार की सुबह ही दोनों देशों के सैनिक पीछे हटना शुरू कर दिए। इस दौरान चीन ने एक बार फिर चौंकाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक। माना जा रहा है कि अगले 15 दिन में चीन पैंगोंग त्सो के इलाके को पूरी तरह खाली कर देगा। इसके बाद भारत सरकार अन्य इलाकों को खाली कराने पर जोर देगी।
गुरुवार को राज्यसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया था कि चीनी सेना फिंगर आठ से पीछे हटने को तैयार हो गई है। अब अधिकारियों का कहना है कि भारतीय और चीनी सैनिकों का प्रारंभिक विघटन पैंगोंग झील तक सीमित है और दोनों सेनाओं को अपनी असल तैनाती पर वापस आने में और दो हफ्ते का समय लग सकता है।
एक बार ये प्रक्रिया खत्म हो जाएगी तो 48 घंटों के अंदर एक कॉर्प्स कमांडर-स्तरीय बैठक होगी जिसमें गतिरोध वाले अन्य स्थान जैसे हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और 900 वर्ग किमी डेपसांग मैदान पर चर्चा की जाएगी। रक्षा मंत्री ने राज्यसभा में कहा, ‘पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ कुछ अन्य बिंदुओं पर तैनाती और गश्त के संबंध में अभी भी कुछ बकाया मुद्दे हैं। ये चीनी पक्ष के साथ आगे की चर्चा का फोकस होंगे।’