हरियाणा में राज्य सरकार अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है. आज विधानसभा में कांग्रेस पार्टी की ओर से सुबह 11 बजे अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया जिसपर चर्चा जारी है. मुख्यमंत्री खट्टर इस चर्चा का जवाब दे रहे हैं.
मनोहर लाल खट्टर ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि मुझे अवसर मिल गया है कि मैं अपने कार्यों के बारे में बता सकूं. खट्टर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि अविश्वास कांग्रेस की संस्कृति है इसलिए वे अविश्वास प्रस्ताव लाते रहते हैं. उन्हें कोई बात पसंद ना हो तो अविश्वास करते हैं. मेरा आग्रह है उनसे कि वे हर छह माह पर अविश्वास प्रस्ताव लेकर आयें.
आज सुबह मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से भाजपा-जजपा सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया और इस दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सत्ताधारी दल ने लोगों का विश्वास खो दिया है. प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद अध्यक्ष ने मंत्रिमंडल के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को स्वीकार किया और इस पर चर्चा के लिए दो घंटे का समय तय किया.
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, मुझे नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के 27 अन्य विधायकों की ओर से अविश्वास प्रस्ताव प्राप्त हुआ है. हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले हरियाणा मंत्रिमंडल के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए सदन में कहा कि राज्य सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है. हुड्डा ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि अविश्वास प्रस्ताव पर गोपनीय मतदान की अनुमति दी जाये.
केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों का मुद्दा सबसे पहले उठाते हुए हुड्डा ने कहा कि स्थिति ऐसी है कि सत्ताधारी पार्टी के विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भी नहीं जा सकते. प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हुड्डा ने कहा, इस सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है. उनके विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भी नहीं जा सकते. किसानों के मुद्दे पर हुड्डा ने मांग रखी कि हरियाणा विधानसभा की श्रद्धांजलि सूची में उन 250 किसानों का नाम शामिल किया जाए जिनकी आंदोलन के दौरान मौत हो गई.