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Delhi Elections दिल्ली विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल लगातार बड़े वादे कर रहे हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और अब पुजारियों व ग्रंथियों के लिए योजनाओं का ऐलान किया गया है। इन वादों ने सियासी माहौल गरमा दिया है, और यह सवाल उठने लगा है कि क्या इससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ेंगी।

दिल्ली चुनाव: क्यों खास हैं यह चुनाव?

फरवरी में संभावित विधानसभा चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए अहम साबित हो सकते हैं। केजरीवाल की प्राथमिकता अपनी सत्ता बनाए रखने की है, और इसके लिए वे लगातार लोकलुभावन घोषणाएं कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी और कांग्रेस के लिए यह चुनाव दिल्ली में अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका है।

केजरीवाल के बड़े वादे– Delhi Elections

अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में पांच प्रमुख ऐलान किए हैं:

  1. महिलाओं के लिए ₹2100 प्रतिमाह का वादा।
  2. संजीवनी योजना के तहत 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों का मुफ्त इलाज।
  3. बुजुर्गों के लिए पेंशन स्कीम।
  4. 24 घंटे साफ पानी की आपूर्ति।
  5. पुजारियों और ग्रंथियों के लिए वेतन।

आप नेता इन घोषणाओं को मास्टरस्ट्रोक बता रहे हैं, जबकि बीजेपी ने इन्हें झूठे वादे करार दिया है।

बीजेपी की प्रतिक्रिया: वादे या छलावा?

केजरीवाल के ऐलानों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

  • महिला सम्मान और संजीवनी योजना: बीजेपी ने इसे बड़ा छलावा बताया, यह कहते हुए कि 10 साल के शासन में महिलाओं को कोई मदद नहीं मिली।
  • 24 घंटे पानी का वादा: बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल केवल चुनाव के समय ही ऐसे वादे करते हैं।

आरोप पत्र से बढ़ा राजनीतिक तापमानDelhi Elections

बीजेपी ने केजरीवाल सरकार पर 40 पन्नों का आरोप पत्र जारी किया। इस पर लिखा गया, “दिल्ली सरकार हुई कंगाल, आप विधायक मालामाल और शीशमहल में केजरीवाल।” इसमें सरकार की आर्थिक नीतियों और योजनाओं की आलोचना की गई।

पुजारियों और ग्रंथियों के लिए ऐलान– Delhi Elections

पुजारियों और ग्रंथियों के वेतन की घोषणा पर भी बीजेपी ने सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि केजरीवाल 10 साल तक मस्जिदों के मौलवियों को वेतन देते रहे, लेकिन चुनाव आते ही उन्हें पुजारी और ग्रंथी याद आए।

बीजेपी का संभावित जवाबी कदमDelhi Elections

आप के ऐलानों का जवाब देने के लिए बीजेपी भी बड़े कदम उठा सकती है। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं के लिए नई योजनाओं की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।

क्या वादे बना पाएंगे वोटों की जमीन?

केजरीवाल की घोषणाओं ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। अब देखना होगा कि क्या ये वादे आम जनता को प्रभावित करेंगे या बीजेपी और कांग्रेस इनसे पार पाने के लिए नई रणनीतियां तैयार करेंगी।