BHARAT VRITANT

Delhi News संसद के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को ऐसा वाकया हुआ जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। सांसदों के बीच धक्कामुक्की के कारण कई घायल हो गए और कुछ को अस्पताल ले जाना पड़ा। भाजपा ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर अपने दो सांसदों—प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत—को धक्का देने का आरोप लगाया है, जिससे वे घायल हो गए।

फांगनोन कोन्याक का बड़ा आरोप– Delhi News

इस घटना के बाद नागालैंड से भाजपा की महिला सांसद फांगनोन कोन्याक ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हंगामे के दौरान राहुल गांधी उनके बेहद नजदीक आकर चिल्लाने लगे, जिससे वह असहज महसूस कर रही थीं।

महिला सांसद ने क्या कहा?

फांगनोन कोन्याक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन राहुल गांधी बहुत नजदीक आकर धमकाने के अंदाज में चिल्लाने लगे। यह व्यवहार एक सांसद के लिए उचित नहीं है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रदर्शन के दौरान सांसदों को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए, लेकिन राहुल गांधी का व्यवहार उन्हें असहज और अपमानित करने वाला था।

महिला सांसदों का सभापति को पत्र– Delhi News

फांगनोन कोन्याक सहित अन्य महिला सांसदों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखा है। कोन्याक ने कहा, “एक महिला सांसद होने के नाते मैं इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं कर सकती। नागालैंड से पहली महिला सांसद होने के नाते, यह मेरे लिए और भी ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है।”

राहुल गांधी पर उठे सवाल– Delhi News

भाजपा सांसद ने कहा कि यह घटना महिला सांसदों की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने राहुल गांधी पर नियमों का उल्लंघन और असंसदीय व्यवहार करने का आरोप लगाया।

घटना ने संसद की गरिमा को किया ठेस– Delhi News

संसद में इस तरह के व्यवहार को लेकर सभी ओर से आलोचना हो रही है। यह घटना न केवल सांसदों के आचरण पर सवाल खड़े करती है, बल्कि संसद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है।

आगे की कार्रवाई पर नजरDelhi News

इस मामले में महिला सांसदों द्वारा लिखे गए पत्र पर राज्यसभा सभापति और प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया का इंतजार है। घटना ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है।