BHARAT VRITANT

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने कुल 22 एफआईआर दर्ज की हैं. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक ईस्टर्न रेंज में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं. दिल्ली पुलिस ने कहा कि झड़पों में कुल 83 पुलिस कर्मी घायल हुए हैं.

किसानों द्वारा ट्रैक्टर रैली दिल्ली में कई स्थानों पर हिंसा देखी गई क्योंकि प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ गए और बैरिकेड तोड़ दिए. प्रदर्शनकारियों ने लाल किले के परिसर को तोड़ दिया और प्राचीर से झंडे फहराए. राष्ट्रीय राजधानी के आईटीओ क्षेत्र के पास हिंसा भड़की क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों से तैनात पुलिस कर्मियों को डराने और यहां तक कि कुचलने की कोशिश की. इस दौरान कई स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं रोक दी गई और सड़कों पर यातायात को भी डायवर्ट कर दिया गया.

गृह मंत्री अमित शाह ने हिंसा के बाद राष्ट्रीय राजधानी में कानून और व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. राजधानी दिल्ली में सीमावर्ती बिंदुओं – सिंघू, गाजीपुर, टिकरी, मुकरबा चौक, नांगलोई और इन विरोध प्रदर्शनों से जुड़े इलाकों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गईं. किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा ”जिसने झंडा फहराया वो कौन आदमी था? एक कौम को बदनाम करने की साज़िश पिछले 2 महीने से चल रही है. कुछ लोग को चिंहित किया गया है उन्हें आज ही यहां से जाना होगा. जो आदमी हिंसा में पाया जाएगा उसे स्थान छोड़ना पड़ेगा और उसके खिलाफ कार्रवाई होगी”. कल किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान आईटीओ इलाके में हुई हिंसा के बाद आज आईटीओ में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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