उत्तर प्रदेश में कानपुर के विकास दुबे कांड की जांच विशेष जांच दल ने प्रवर्तन निदेशालय को सौंपी दी है। एसआईटी ने अपनी जांच मे विकास दुबे और उसके नेटवर्क के लोगों के खिलाफ 150 करोड़ रुपये की अवैध चल और अंचल सम्पत्ति के दस्तावेज़ी सबूत जुटाए थे। अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अगुवाई मे एसआईटी का गठन यूपी सरकार ने किया था, जिसकी जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट पहले शासन को दी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। अब ये रिपोर्ट प्रवर्तन निदेशालय को इसलिये दी गई है ताकि विकास दुबे के मामले मे सबूतों के आधार पर मनी लॉड्रिंग की जांच की जा सके।
कानपुर के बिकरू गांव में जुलाई में 8 पुलिसकर्मियों की सामूहिक हत्या की गई थी। इसकी जांच दौरान एसआईटी ने घटना के मास्टरमाइंड रहे विकास दुबे द्वारा जुटाई गई 150 करोड़ रुपये की संपत्ति की ईडी से जांच की सिफारिश की। गैंगस्टर विकास दुबे 10 जुलाई को कानपुर में यूपी एसटीएफ से कथित मुठभेड़ में मारा गया था। अपर मुख्य सचिव संजय भूसरेड्डी की अगुआई में गठित तीन सदस्यीय एसआईटी ने गैंगस्टर द्वारा अवैध तरीके से हासिल की गई 150 करोड़ रुपये की संपत्ति की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा गहराई से जांच कराए जाने की सिफारिश की है। एसआईटी ने सरकार को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में यह भी कहा है कि दुबे और उसके गैंग की मदद करने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए।