पिछले वर्ष कोरोना वायरस महामारी के चलते देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ी। 16 जनवरी को देश में कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई। ऐसे में सरकार का खर्च भी काफी प्रभावित हुआ और यह अनुमान लगाया जा रहा था कि महामारी से निपटने में हुए अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए मोदी सरकार कोविड टैक्स लगाने की संभावना पर विचार कर रही है।
लेकिन अब केंद्र सरकार की ओर से आम आदमी को बड़ी राहत मिली है। सरकार ने कहा है आम आदमी पर कोई भी नया कर नहीं लगाया जाएगा। यानी अमीरों पर जो कोविड टैक्स लगाने की मांग उठी थी, वह नहीं लगाया जाएगा।
दरअसल, सरकार चाहती है कि संकट के इस समय में लोगों को पैसों की दिक्कत न हो। कोविड टैक्स लगाने से लोगों के हाथों में आने वाला पैसा कुछ कम हो जाएगा और ऐसे में लोग खर्चे कम कर देंगे। इसलिए सरकार ने नया कर न वसूलने का फैसला लिया। मौजूदा स्थितियों से उबरने के लिए यह जरूरी है कि अधिक मांग पैदा हो, ताकि लोग तेजी से पैसे खर्च करें और अर्थव्यवस्था में करंसी सर्कुलेट हो।