Haryana News पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर हरियाणा के शिक्षा तंत्र को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और शिक्षा निजी हाथों में जा रही है। सरकारी स्कूलों में दाखिलों की संख्या तेजी से घट रही है, और कई स्कूलों पर ताले लग चुके हैं।

सरकारी स्कूलों में दाखिलों की भारी गिरावट– Haryana News
हुड्डा ने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले वर्ष के मुकाबले 27,000 कम दाखिले हुए हैं। 28 प्राथमिक स्कूलों में कोई भी छात्र नहीं है, जबकि 262 स्कूल ऐसे हैं, जहां केवल एक छात्र नामांकित है। इसी तरह 520 स्कूलों में छात्रों की संख्या 11 से 20 के बीच है।
बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझते सरकारी स्कूल– Haryana News
प्रदेश के कई सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हैं। 131 स्कूलों में पीने का पानी नहीं है, 236 स्कूलों में बिजली कनेक्शन नहीं है, और 538 स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है। कई स्कूलों में लड़कों के लिए भी शौचालय नहीं हैं।
टीचर्स की भारी कमी और उनकी अन्य कामों में ड्यूटी– Haryana News
हुड्डा ने बताया कि में 50,000 से ज्यादा पद खाली हैं। सरकार ने पिछले 10 वर्षों में जेबीटी शिक्षकों की एक भी भर्ती नहीं की। जो शिक्षक नियुक्त हैं, उनसे भी पढ़ाई के बजाय अन्य काम करवाए जा रहे हैं, जैसे मंडियों में ड्यूटी और परिवार पहचान पत्र बनाना।
शिक्षा के निजीकरण का आरोप– Haryana News
हुड्डा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह शिक्षा को निजी हाथों में सौंपने की योजना बना रही है। सरकारी स्कूलों से छात्रों को प्राइवेट स्कूलों में भेजने के लिए प्रोत्साहन राशि देने की नीति बनाई गई है।
कांग्रेस शासनकाल में हुए शिक्षा के विकास कार्य– Haryana News
कांग्रेस सरकार के समय शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया था। महेंद्रगढ़ में केंद्रीय विश्वविद्यालय, 12 नए सरकारी विश्वविद्यालय, और कई राष्ट्रीय स्तर के संस्थान स्थापित किए गए थे। इसके अलावा, कांग्रेस शासन में 25,000 जेबीटी और 25,000 टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों की भर्ती की गई थी।
भाजपा शासनकाल में शिक्षण संस्थानों की स्थिति चिंताजनक
भाजपा के 10 साल के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में गिरावट आई है। 26,000 से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, और कॉलेजों में 4,738 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्तियां नहीं हुई हैं।
हुड्डा का सवाल: शिक्षा तंत्र सुधारने के लिए भाजपा ने क्या किया?
हुड्डा ने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षा के लिए पिछले 10 वर्षों में कौन-से बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि सरकार के पास शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस नीति नहीं है और यह सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करना चाहती है।