पड़ोसी मुल्क चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर सख्त माहौल के बीच भारत एक ऐसी मिसाइल विकसित कर रहा है, जिससे भारतीय वायुसेना के विमान दुश्मन के विमान को हवा में 160 किलोमीटर दूर ही मार गिराएंगे. इस मिसाइल का नाम है बेयॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल अस्त्र. इस मिसाइल की विशेषता आपको कर हैरान कर देगी. इसकी रेंज, गति और दुश्मन को संभलने का मौका न देना इसकी सबसे बड़ी खासियत है. गौरतलब है कि इस अस्त्र मार्क-2 का परीक्षण इस साल सितंबर में शुरू होगा और अगले साल तक खत्म हो जाएगा. इस मिसाइल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी गति है. यह 4.5 मैक यानी 5556.2 किलोमीटर की गति से हमला करता है. मतलब एक सेकेंड में 1.54 किलोमीटर की स्पीड है इस मिसाइल की. आपको बता दें कि यह मिसाइल 2022 तक पूरी तरह से विकसित हो जाएगी.
अस्त्र मार्क-2 को स्वदेशी फाइटर जेट तेजस में लगाए जाने की तैयारी की जा रही है. इसकी जेट में फिलहाल 100 किलोमीटर रेंज तक की मिसाइलें लगी हैं. आपको बता दें कि अभी इजरायल की मिसाइल का आयात किया जाता है. इस मिसाइल के लगने के बाद तेजस से इजरायली मिसाइल को हटा दिया जाएगा. इसकी खासियत को देखते हुए भारतीय वायुसेना और नौसेना ने 288 अस्त्र मार्क-1 के ऑर्डर दिए हुए हैं. इस मिसाइल का उपयोग रूस में बने भारतीय फाइटर जेट सुखोई-30 एमकेआई में किया जा रहा है. और सबसे खास बात कि अस्त्र मिसाइल 2 बनने के बाद भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा जो इस तरह की मिसाइलें बनाते हैं. ये देश हैं अमेरिका, रूस, फ्रांस और इजरायल.
अस्त्र मार्क-2 मिसाइल सुपरसोनिक फाइटर जेट्स के साथ लैस होने पर और ज्यादा घातक सिद्ध होगी. लंबी दूरी के काउंटर मेजर्स मिशन में दुश्मन के छक्के छुड़ा देगी. अस्त्र मार्क-2 में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर्स तकनीक लगाई गई है. ताकि ये दुश्मन के फाइटर जेट के संचार को बाधित कर दे. जब तक वह संभले तब तक उसका काम तमाम.
अस्त्र मार्क-2 की एक विशेषता है कि ये पीछा करके मारती है. यानी एक बार दुश्मन का विमान टारगेट पर लॉक हुआ तो ये सामने से या पीछे से दौड़ा-दौड़ा कर मार डालेगी. बता दें कि इस मिसाइल के पुराने वर्जन यानी अस्त्र मार्क-1 का उपयोग भारतीय वायुसेना मिग-29, मिग-29के, मिराज 2000, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस एमके1/1A में कर रही है.
भविष्य में अस्त्र मार्क-2 का उपयोग तेजस एमके-2, एमसीए में भी किया जाएगा. इसके बाद डीआरडीओ अस्त्र मार्क-3 बनाने की तैयारी में है. ये मिसाइल अभी अंडर डेवलपमेंट है.