वास्तविक नियंत्रण रेखा एलएसी पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच भारत बड़ा कदम उठाने जा रहा है और घुसपैठ का पता लगाने के लिए निगरानी सिस्टम को मजबूत करने की योजना है. सीमा पर ड्रोन, सेंसर, टोही और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण के जरिए चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी की हरकतों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी.
लद्दाख में पिछले साल मई में चीन के साथ टकराव शुरू हुआ था और अब तक कई बार दोनों देशों के सैनिकों की भिड़ंत हो चुकी है. इस बीच चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तेजी के इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करने में जुटा है. इसी को देखते हुए अब भारत ने भी सीमा पर निगरानी सिस्टम और खुफिया जानकारियां एकत्र करने के तंत्र को उच्च कोटि का बनाने का फैसला किया है.