Nagpur Violence नागपुर में सोमवार को भड़की हिंसा के बाद पुलिस लगातार आरोपियों पर शिकंजा कस रही है। अब तक 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 90 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नागपुर पुलिस की साइबर सेल उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी पहचान कर रही है, जिन्होंने हिंसा से पहले और बाद में भड़काऊ पोस्ट किए थे।

बांग्लादेश से आई दंगे भड़काने की धमकी
नागपुर पुलिस की साइबर सेल ने एक फेसबुक अकाउंट की पहचान की है, जिसे बांग्लादेश से संचालित किया जा रहा था। इस अकाउंट से नागपुर में बड़े दंगे भड़काने की धमकी दी गई थी। आरोपी ने लिखा था कि “सोमवार के दंगे सिर्फ एक झलक थे, भविष्य में और बड़े दंगे होंगे।” पुलिस ने फेसबुक से संपर्क कर इस अकाउंट को ब्लॉक करने का अनुरोध किया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
97 झूठे सोशल मीडिया पोस्ट की हुई पहचान
सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के साथ-साथ अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं। पिछले दो दिनों में कुछ पोस्ट में दावा किया गया था कि हिंसा में घायल हुए दो लोगों की मौत हो गई, जबकि यह खबर पूरी तरह झूठी निकली। अब तक साइबर सेल ने 97 ऐसे झूठे पोस्ट की पहचान की है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि किए किसी भी जानकारी को न फैलाएं।
18 विशेष जांच टीमें गठित, 200 आरोपियों की पहचान
हिंसा में शामिल लोगों की धरपकड़ के लिए नागपुर पुलिस ने 18 विशेष जांच टीमें (SIT) बनाई हैं। अब तक 200 लोगों की पहचान हो चुकी है, जबकि 1,000 से अधिक संदिग्धों की तलाश जारी है। ये संदिग्ध दंगों के दौरान सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए थे। पुलिस जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास में जुटी हुई है।
अब तक 90 गिरफ्तार, कर्फ्यू में मिल सकती है राहत
हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने अब तक 90 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। औरंगजेब के पुतले पर रखी हरी चादर को लेकर भी जांच की गई, जिसमें पाया गया कि चादर पर कोई धार्मिक शब्द या कथन नहीं लिखा था। इस मामले में मौलानाओं और विशेषज्ञों से भी राय ली गई। नागपुर में दो दिनों से कर्फ्यू लगा हुआ है, लेकिन गुरुवार को सुरक्षा समीक्षा के बाद इसमें कुछ राहत दी जा सकती है।