प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्व आर्थिक मंच के दावोस संवाद को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में दुनिया के उद्योग जगत के 400 से अधिक शीर्ष प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी भारत के विकास संबंधी विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पीएम नरेंद्र मोदी 28 जनवरी को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से शाम 5.30 बजे भारतीय मानक समय पर विश्व आर्थिक मंच के दावोस संवाद को संबोधित करेंगे। छह दिवसीय यह आयोजन 24 से 29 जनवरी तक ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है।
दावोस संवाद एजेंडा, कोरोना वायरस महामारी के बाद की दुनिया में विश्व आर्थिक मंच की महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत का प्रतीक है। दावोस एजेंडा में इस बार अहम मुद्दा कोरोना वायरस की वजह से हुई आर्थिक नुकसान और उसकी भरपाई कैसे की जाए…ये है। इसके अलावा कोविड-19 वैक्सीन, रोजगार सृजन और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर पर भी चर्चा होगी। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ‘चौथी औद्योगिक क्रांति-मानवता की भलाई के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग’ विषय सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी सीईओ के साथ बातचीत भी करेंगे।
दावोस एजेंडा समिति में पीएम मोदी से पहले इस सम्मेलन को अभी तक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्कल और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन संबोधित कर चुके हैं। इसके अलावा इस कार्यक्रम में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी बैठक में भाग लेंगे। नव निर्वाचित संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे।
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक नेताओं को नए शीत युद्ध की शुरुआत के बारे में चेताया था। शी जिनपिंग ने इसके अलावा विश्व नेताओं से कोरोना महामारी के खिलाफ वैश्विक एकता का भी आग्रह किया है। वहीं विश्व आर्थिक मंच की दावोस एजेंडा सम्मेल संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रमुख क्रिस्टलीन जार्जीएवा ने कहा कि मुद्राकोष ने 2021 के लिए वैश्विक विकास दर 5.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है, जोकि पिछले मुकाबले से ज्यादा है। वहीं आईएमएफ प्रमुख ने निम्न आय वर्ग की श्रेणी में आने वाले देशों की मदद करने की बात कही है।