2 दिन की राहत के बाद एक बार फिर राजधानी दिल्ली की गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली एनसीआर में बारिश की भी संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान सामान्य से 7 अधिक 33.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस कम 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी में गुरुवार को सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान पीतमपुरा और नजफगढ़ में रहा जहां। अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बात न्यूनतम तापमान की करें तो यह सबसे ज्यादा स्पोर्ट्स कंपलेक्स इलाके में रहा, जहां 17.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।
फरवरी 2021 में अचानक हुए जलवायु परिवर्तन के कारण देश के कई हिस्सों में अचानक तापमान 30 से 40 डिग्री सेंटीग्रेड तक जा पहुंचा। उत्तराखंड, हिमाचल में भी तापमान अधिक देखने को मिल रहा है।उत्तराखंड के चमोली में हुई ग्लेशियर टूटने की घटना इसका ताजा उदाहरण है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के सेंटर फॉर एटमॉस्फेरिक रिसर्च के प्रोफेसर ए राव ने कहा कि यह प्रशांत महासागर में चल रहे ‘ला नीना’ का प्रभाव है। यह ‘अलनीनो’ का ठंडा चरण होता है, जिसके कारण वातावरण में इस समय ठंड होनी चाहिए थी और मानसून की अच्छी बारिश भी होनी चाहिए थी। लेकिन यह देखा गया कि फरवरी में उतनी बारिश नहीं हुई और फरवरी 120 साल में सबसे गर्म भी रहा। यह हमारी गणना के उलट है। कई वर्ष बाद कोई एक ऐसा साल आता है जिसमें जलवायु मानसून सामान्य आचरण नहीं करता है। इसे हम परिवर्तनशीलता कहते हैं। इस वर्ष फरवरी में गर्मी का कारण पश्चिमी विक्षोभ भी है। गर्मी जल्दी बढ़ जाने के कारण गेहूं की फसल समय से पहले पक जाएगी।