BHARAT VRITANT

टूलकिट कांड में अब सातवां नाम सामने आया है. धालीवाल की सहयोगी अनिता लाल भी पुलिस के रडार पर है. दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद अब निकिता जैकब पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है. शांतनु मुलुक को ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिल गई है. इनके अलावा पुनीत, फ्रेडरिक भी पुलिस की रडार पर हैं. इन सबके अलावा खालिस्तान आतंकी भजन सिंह भिंडर से भी साजिश के तार जुड़ते नजर आ रहे हैं. कनाडा के वैंकूवर में रहने वाली अनिता लाल पोएटिक जस्टिस वाले मो धालीवाल की साथी है. वो उसके कारोबार से लेकर खालिस्तानी एजेंडे तक, सबमें भागीदार मानी जाती है. अनिता लाल खालिस्तानी समर्थक पोएटिक जस्टिस संस्था की सह-संस्थापक है. साथ ही वो इस संस्था की कार्यकारी निदेशक भी है.

माना जाता है कि अनिता लाल ही खालिस्तानी समर्थक मो धालीवाल की मुख्य एडवाइजर है. अनिता लाल के ट्विटर अकाउंट को देखें तो अनिता लाल किसान आंदोलन और भारत के खिलाफ चल रहे हैशटैग का इस्तेमाल लगातार कर रही हैं. जांच में सामने आया है कि अनिता लाल का नाम भी टूल किट जिक्र है. धालीवाल के साथ टूलकिट गैंग की हुई जूम मीटिंग में भी अनिता लाल के शामिल होने की बात आ रही है. दिल्ली पुलिस इस तथ्य की जांच कर रही है.

धालीवाल के साथ मिलकर अनिता लाल किसान आंदोलन के बहाने विदेशों में भारत को बदनाम करने के लिए एक वेबसाइट ask India Why भी चला रही है. जब खालिस्तानी समर्थित पोएटिक जस्टिस संस्था पर टूलकिट साजिश में शामिल होने के आरोप लगे तो इस संस्था ने जो बयान जारी किया, उसमें मो धालीवाल के ऊपर अनिता लाल का नाम लिखा था.

अनीता लाल को कैंपेन चलाने में महिर माना जाता है और कैंपेनिंग और मार्केटिंग में उसे करीब दो दशक का अनुभव भी है. पोएटिक जस्टिस संस्था के जरिए अनिता लाल ने ही अक्टूबर 2020 में खालिस्तान पर एक वेबीनार आयोजित किया था. धालीवाल ने फेसबुक पर खुद को साफ साफ खालिस्तानी घोषित किया है. अनिता को धालीवाल का बेहद करीबी सहयोगी माना जाता है. ऐसे में धालीवाल के साथ साथ अनीता भी कनाडा में रहकर लगातार मोदी सरकार के बहाने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने की कोशिश में जुटी है.

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