Bharat Vritant

टोक्यो ओलंपिक्स के 13वें भारत की स्टार बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन को महिला वैटरवेट वर्ग के सेमीफाइनल में तुर्की की मुजोदा विश्व चैम्पियन बुसेनाज सुरमेनेली के खिलाफ शिकस्त के साथ का सामना करना पड़ा। पहले ही ब्रोंज मेडल सुनिश्चित कर चुकी लवलीना बोरगोहेन के खिलाफ बुसेनाज ने शुरुआत से ही दबदबा बनाये रखा और सर्वसम्मनित से 5-0 से जित दर्ज करने में सफल रही। टोक्यो खेल में यह भारत का तीसरा पदक है। इससे पहले भारोत्तोलन में मीराबाई चानू ने रजत जबकि बैडमिंटन में पीवी सिंधु ने कांस्य पदक जीता। लवलीना बोरगोहेन का पदक पिछले नौ वर्षो में भारत का ओलिंपिक मुक्केबाजी प्रतियोगिता फाइनल में जगह बनाने वाली पहली भारतीय मुक्केबाजी बनने के लिए चुनती पेश कर रही थी लेकिन विश्व चैम्पियन बुसेनज ने उनका सपना तोड़ दिया।

भारतीय मुक्केबाजी के पास तुर्की की खिलाडी के दमदार मिक्को और तेजी का कोई जवाब नहीं था। इसी बीच लवलीना बोरगोहेन से हड़बड़ाहट में गलतिया कर दी। क्वाटर फ़ाइनल में लवलीना बोरगोहेन हालाँकि चीनी ताइपै की पूर्व विश्व चैम्पियन नीन चीन चेन को हराकर पहले ही पदक पक्का कर चुकी थी।