अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों को लेकर चिंताओं के बीच भारत और अमेरिका के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत तेज हो गई है। इसी क्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की। उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देश जल्द ही टैरिफ विवाद पर किसी समझौते तक पहुंच सकते हैं।

क्या होते हैं टैरिफ?
टैरिफ आयात शुल्क होते हैं, जो सरकार द्वारा विदेशी वस्तुओं पर लगाए जाते हैं। कंपनियों को किसी भी विदेशी उत्पाद को भारत में लाने के लिए ये शुल्क चुकाने पड़ते हैं। अमेरिकी नीतियों के तहत लगाए गए टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं, जिन्हें सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
अमेरिकी व्यापार अधिकारी भारत दौरे पर
दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच भारत के पांच दिवसीय दौरे (25-29 मार्च) पर आ रहे हैं। इस दौरान वे भारतीय अधिकारियों के साथ व्यापार और सीमा शुल्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका 2 अप्रैल से भारत पर जवाबी टैरिफ लगाने की घोषणा कर चुका है।
क्या खत्म होगा टैरिफ विवाद?
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार करने पर चर्चा जारी है। इस समझौते से टैरिफ और बाजार पहुंच से जुड़ी समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है। अमेरिका की ओर से कहा गया कि वे व्यापार और निवेश पर भारत सरकार के साथ सकारात्मक और लंबी अवधि के समाधान पर बातचीत जारी रखने के इच्छुक हैं। भारत ने भी संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।