PM Modi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मई में रूस का दौरा कर सकते हैं। वे मॉस्को के रेड स्क्वायर पर आयोजित 80वीं ग्रेट पैट्रियोटिक वॉर परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस परेड में भारतीय सेना का एक दल भी हिस्सा ले सकता है और इसकी तैयारी के लिए भारतीय सैन्य दल एक महीने पहले रूस पहुंच सकता है।

अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी
इस भव्य परेड में पीएम मोदी के अलावा कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी भाग लेंगे। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावारोव ने पुष्टि की है कि 9 मई को होने वाली इस परेड में कई आमंत्रित देशों ने अपनी उपस्थिति की पुष्टि कर दी है।
रूसी राष्ट्रपति दिमित्री पेसकोव ने भी कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध में रूस की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने के लिए विभिन्न देशों के शीर्ष नेता इस आयोजन में भाग लेंगे।
क्या है ग्रेट पैट्रियोटिक वॉर?
ग्रेट पैट्रियोटिक वॉर (महान देशभक्ति युद्ध) रूस और नाजी जर्मनी के बीच हुआ द्वितीय विश्वयुद्ध का महत्वपूर्ण हिस्सा था। यह युद्ध 22 जून 1941 से 9 मई 1945 तक चला और जर्मनी की हार के साथ समाप्त हुआ। इस युद्ध के बाद रूस एक सुपरपावर के रूप में उभरा और जर्मनी के सहयोगी रोमानिया और हंगरी ने आत्मसमर्पण कर दिया।
पिछले साल भी रूस गए थे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अक्टूबर 2024 में भी रूस का दौरा किया था, जब उन्होंने कजान में आयोजित 16वें ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लिया था।
अगर वे मई में रूस जाते हैं, तो यह दौरा ऐसे समय होगा जब रूस-यूक्रेन युद्धविराम को लेकर वार्ता चल रही है। हाल ही में, दोनों देशों के बीच पहला दौर की वार्ता सऊदी अरब के रियाद में हुई थी। पीएम मोदी ने पहले ही रूस-यूक्रेन के बीच शांति की अपील की थी, जिससे इस दौरे को और अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।